मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीतियों से मध्यप्रदेश बना खनन क्षेत्र सुधारों में अग्रणी राज्य

By Mukhyamntri .in Oct 17, 2025

मध्यप्रदेश ने एक बार फिर खनन क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता को सिद्ध करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा गुरुवार को राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और खनन क्षेत्र को उत्तरदायी एवं औद्योगिक विकास का केन्द्र बनाने की उनकी प्राथमिकता का परिणाम है। राज्य सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में किये गये सुधार, आधुनिकीकरण और सतत विकास के प्रयासों की बड़ी सफलता को दर्शाती है।

एसएमआरआई के अंतर्गत राज्यों को उनके खनिज भण्डार के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। श्रेणी-ए में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं। श्रेणी-बी में गोवा, उत्तर प्रदेश और असम शीर्ष तीन स्थान पर है और श्रेणी-सी में पंजाब, उत्तराखण्ड और त्रिपुरा शीर्ष तीन स्थान पर है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश खनिज नीलामी के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य ने बड़े पैमाने पर खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया था। हाल ही में क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी में केंद्र सरकार की नीति को लागू करने में मध्यप्रदेश ने देश का पहला राज्य बनने का गौरव भी हासिल किया है। खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक नीलामी के लिए मध्यप्रदेश को भारत सरकार ने सम्मानित भी किया है।

मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। खनिजों की प्रचुरता और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा खनन क्षेत्र में राज्य स्तर पर सुधारों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। सूचकांक जारी करने की घोषणा केन्द्रीय बजट 2025-26 में की गई थी। राज्यों के खनन क्षेत्र में तैयारियों और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। इसमें नीलामी, खनन पट्टों का शीघ्र संचालन, अन्वेषण और सतत खनन जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर राज्य रैंकिंग निर्धारित की गयी है।

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